सहरसा। जिला विधिवेत्ता संघ के विभिन्न प्रपत्रों, जैसे वकालतनामा, बंधपत्र, हाजिरी, दरखास्त एवं शपथपत्र आदि की कथित तौर पर स्कैन कर फर्जी छपाई और बिक्री किए जाने के मामले में अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक, सहरसा को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन के अनुसार अधिवक्ताओं ने एक व्यक्ति ज्योतिष चन्द्र झा, पिता स्व. लक्ष्मीकांत झा, निवासी रमेश झा रोड, वार्ड नंबर-31, सहरसा तथा स्थायी पता पैतृक ग्राम लगमा, वार्ड नंबर-10, थाना सोनवर्षा राज को पकड़ा था। इस दौरान उसका मोबाइल भी जब्त किया गया। संघ के महासचिव के लिखित आवेदन के आधार पर सहरसा थाना में कांड संख्या 1106/26 दर्ज कराया गया। पुलिस के पहुंचने के बाद आरोपित के पास से बरामद कथित फर्जी प्रपत्रों की जब्ती सूची तैयार की गई।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि जब्ती सूची तैयार किए जाने के समय अन्य अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर गवाह के रूप में लिए गए थे, लेकिन बाद में थाना में जब्ती सूची के गवाहों के नाम में बदलाव कर दिया गया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अनुसंधानकर्ता द्वारा आरोपित का स्वीकारोक्ति बयान नहीं लिया गया और अन्य अधिवक्ताओं के बयान को भी आरोपित के न्यायालय में अग्रसारण के समय प्रस्तुत नहीं किया गया।
आवेदन में कहा गया है कि गिरफ्तार आरोपित कथित रूप से एक गिरोह बनाकर संघ के फर्जी प्रपत्रों की बिक्री करता था। इसमें संघ के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह कथित कारोबार लंबे समय से चल रहा था।
जिला विधिक संघ के जॉइंट सेक्रेटरी विवेकानंद ने आरोप लगाया कि संघ के अंदर की मिलीभगत से कथित तौर पर यह जाली प्रपत्रों का कारोबार चल रहा था। वहीं संघ के उपाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने एसपी से मामले की गहन जांच कर कई वर्षों से चल रहे कथित गिरोह का पर्दाफाश करने तथा संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ता सुंगंधी यादव और प्रभात कुमार सिंह ने भी मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने एसपी से गिरफ्तार आरोपित को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की मांग की है, ताकि कथित गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान हो सके और पूरे मामले का खुलासा किया जा सके।


