सहरसा। सोनवर्षा राज नगर पंचायत के सफाईकर्मियों ने मुख्य पार्षद मनीष कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी नवीन कुमार और सफाई एजेंसी पर भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। अपनी मांगों को लेकर सफाईकर्मी पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर हैं, जिसके कारण नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
मंगलवार को सफाईकर्मियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी सहरसा को आवेदन सौंपा और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। आवेदन में सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में स्वीकृत पदों के मुकाबले मात्र 84 कर्मियों से काम लिया जा रहा है। उनका दावा है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से कागजों पर फर्जी कर्मियों के नाम जोड़कर सरकारी राशि की निकासी की जा रही है।
सफाईकर्मियों का आरोप है कि कई कर्मी कभी काम पर नहीं आते, लेकिन उनके नाम पर हर महीने सरकारी राशि का भुगतान किया जा रहा है। आवेदन में मुख्य पार्षद मनीष कुमार पर अपने नजदीकी सुपरवाइजर के माध्यम से 37 कर्मियों से नौकरी के नाम पर करीब 12 हजार रुपये प्रति व्यक्ति वसूलने का आरोप लगाया गया है। सफाईकर्मियों के अनुसार, इस तरह कुल 4 लाख 44 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई।
कर्मियों ने बताया कि इन लोगों को पहले रोजाना मजदूरी के आधार पर नाला सफाई के काम में लगाया गया था। उनका कहना है कि डीएम के आदेश का हवाला देकर करीब ढाई महीने बाद उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के काम से हटा दिया गया।
सफाईकर्मियों ने मुख्य पार्षद मनीष कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी नवीन कुमार, सफाई एजेंसी ‘बख्तियारपुर ट्रेडर्स’ और प्रिय रंजन पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सफाई कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं।
कर्मियों के मुताबिक, झाड़ू, जूते, वर्दी, दस्ताने, मास्क, साबुन, हेलमेट, कुदाल और खंती जैसी सामग्री केवल कागजों पर ही वितरित दिखाई जाती है, जबकि वास्तविकता में उन्हें कोई सामान नहीं दिया जाता। सफाईकर्मियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


