महिषी अंचल कर्मचारी और आरओ पर कार्रवाई की मांग
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले के महिषी अंचल में न्यायालय के रोक आदेश के बावजूद विवादित जमीन का दाखिल-खारिज किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर मुरली निवासी शुभंकर चौधरी ने जिलाधिकारी सहित वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर जांच एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आवेदक शुभंकर चौधरी ने बताया कि महिषी अंचल के आरापट्टी मौजा स्थित विवादित जमीन पर उनके परिवार का 80 वर्षों से अधिक समय से दखल-कब्जा है। उनके अनुसार, जमीन उनके परदादा के दादा कंचन चौधरी के नाम से चली आ रही थी। नए सर्वे में उक्त जमीन का खाता रघुनाथ झा के नाम खुल गया, जिसे उन्होंने गलत बताया।
शुभंकर चौधरी के मुताबिक, बाद में उक्त जमीन बालगोविंद झा के नाम दर्ज हुई और रघुनाथ कुमार झा के पोते ने इसे अमित कुमार चौधरी के हाथों बेच दिया। जमीन को लेकर उन्होंने टाइटल सूट संख्या 270 दायर कर रखा है। साथ ही, प्रखंड कार्यालय और सहयोग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
आवेदक का आरोप है कि महिषी अंचल कर्मचारी विकास कुमार और राजस्व अधिकारी (आरओ) मनीषा द्वारा दाखिल-खारिज के मामले में उनसे 80 हजार रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने 20 हजार रुपये देने की बात कही थी। शुभंकर चौधरी ने दावा किया कि इस संबंध में ऑडियो, वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि अपर समाहर्ता न्यायालय से बिना जांच के दाखिल-खारिज नहीं करने का आदेश जारी किया गया था। यह आदेश पिछले छठे महीने की 3 तारीख को अंचल कार्यालय पहुंच गया था। इसके बावजूद नौवें महीने की 6 तारीख को दाखिल-खारिज वाद का निपटारा कर दिया गया।
आवेदक के अनुसार, दाखिल-खारिज संख्या 415/2026-27 में उनके दखल-कब्जे वाली विवादित जमीन का दाखिल-खारिज दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया। उन्होंने जिलाधिकारी सहित वरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष स्थलिए जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।


