सहरसा/नवहट्टा। सहरसा जिले के नवहट्टा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 11 में मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत शुरू किए गए पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर वार्डवासियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितता, जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने और निर्माण स्थल पर योजना बोर्ड नहीं लगाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 11 में यशवंत सिंह के घर से बहादुर सादा के घर तक पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले नाला निर्माण जरूरी है, क्योंकि टोले का गंदा पानी सड़क पर ही जमा रहता है और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि नाला बनाए बिना सड़क का निर्माण कर दिया गया तो भविष्य में जलजमाव की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से पहले नाला निर्माण और उसके बाद सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
वहीं, पूर्व मुखिया बब्बू सिंह ने सड़क की मापी को लेकर सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि सड़क की मापी कराए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। उनके अनुसार परियोजना निदेशक, बुडको, सहरसा की ओर से नवहट्टा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को सड़क की मापी कराने के लिए पत्र लिखा गया था। इसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी ने नवहट्टा अंचलाधिकारी को पत्र भेजकर मापी कराने का अनुरोध किया था। आरोप है कि मापी की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
इस मामले में विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से बात करने पर उन्होंने बताया कि सड़क पहले से बनी हुई है और उसी पर कार्य शुरू किया गया है। उनका कहना था कि यदि किसी को कोई समस्या है तो आवेदन दिया जाए, जिसके बाद मापी कराई जाएगी। योजना बोर्ड के संबंध में उन्होंने कहा कि काम अभी शुरू हुआ है और योजना बोर्ड लगा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय आकर योजना का एस्टीमेट देखा जा सकता है।
निर्माण स्थल पर योजना बोर्ड नहीं लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय ही योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि लोगों को योजना की लागत, कार्य एजेंसी और अन्य विवरण की जानकारी मिल सके।
इसके अलावा बारिश के मौसम में पीसीसी सड़क निर्माण शुरू किए जाने को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों के अनुसार निर्माण स्थल पर जेई या संबंधित विभागीय अधिकारी की नियमित मौजूदगी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रही है। ऐसे में निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर हो रही है और गुणवत्ता की जांच कैसे की जा रही है, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल वार्डवासी पहले नाला निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं पूर्व मुखिया ने सड़क की मापी को लेकर सवाल उठाया है। दूसरी ओर विभागीय इंजीनियर ने समस्या होने पर आवेदन देने और मापी कराने की बात कही है। अब देखना होगा कि नगर प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सड़क निर्माण से जुड़े मापी, जलनिकासी, योजना बोर्ड एवं निर्माण गुणवत्ता के पहलुओं को किस तरह स्पष्ट किया जाता है।


