सहरसा। नगर निगम सहरसा के वार्ड नंबर-34 में पुरानी जेल के दक्षिण स्थित निजी जमीन पर नाला निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर वार्ड नंबर-20 तिवारी टोला निवासी राजीव रंजन, पिता शंकर तिवारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, सहरसा को आवेदन देकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
आवेदक के अनुसार वार्ड नंबर-34 में पुरानी जेल के दक्षिण उनकी करीब एक बीघा जमीन है, जो चारदीवारी और गेट से घिरी हुई है। आरोप है कि अनिल यादुका सहित चार अन्य लोगों द्वारा उक्त जमीन की कथित रूप से फर्जी तरीके से केवाला कराकर बाउंड्री के अंदर आधा-अधूरा मकान निर्माण कराया गया है।
आवेदक ने बताया कि इस मामले को लेकर वर्ष 2023 में हाईकोर्ट में सिविल केस संख्या 750/2023 दायर किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 2024 में हाईकोर्ट की ओर से मामले में आदेश पारित किया गया था और मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
राजीव रंजन का आरोप है कि मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद नगर निगम द्वारा कथित रूप से निजी परिसर के अंदर नाला निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में नगर निगम के कनीय अभियंता दिलीप कुमार की भूमिका होने का भी आरोप लगाया गया है।
आवेदक ने एसडीओ से मांग की है कि हाईकोर्ट के अंतिम आदेश अथवा फैसले तक नाला निर्माण पर रोक लगाई जाए। आवेदन के साथ हाईकोर्ट से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। हालांकि, मामले में नगर निगम अथवा संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।


