सहरसा। जिला प्रभारी सह शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही विकास योजनाओं, संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों और ‘सेवा संकल्प’ से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार बिहार और सहरसा की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह तत्पर है। सरकार के निर्णयों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी जिला स्तरीय पदाधिकारियों की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तीन महीने पर 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के माध्यम से विकास योजनाओं की समीक्षा और अनुश्रवण किया जाता है।
मंत्री ने बताया कि बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट ली गई। वहीं, समिति के सदस्यों की ओर से रखे गए नए प्रस्तावों को कार्यवाही में शामिल करते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
बाढ़ और कटाव से विस्थापित लोगों की सूची तैयार करने का निर्देश
संभावित बाढ़ की तैयारियों को लेकर प्रभारी मंत्री ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। फिलहाल जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन जहां भी परेशानी सामने आई है, वहां अधिकारी उसके समाधान के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सहरसा में कटाव भी एक गंभीर समस्या है। कटाव के कारण विस्थापित होने वाले लोगों को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने आपदा प्रभारी और सभी अंचलाधिकारियों को बाढ़ एवं कटाव से प्रभावित और विस्थापित लोगों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि आपदा चाहे बाढ़ के कारण हो या कटाव से, ऐसी स्थिति में सरकार को प्रभावित लोगों के साथ खड़ा दिखाई देना चाहिए। प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
एनडीए में किसी तरह की खटास से किया इनकार
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के पार्टी का नाम बदलकर ‘जदयू-नीतीश कुमार’ किए जाने संबंधी बयान पर प्रभारी मंत्री ने इसे जदयू का अंदरूनी मामला बताया। उन्होंने कहा कि इससे हम लोगों का कोई लेना-देना नहीं है।
एनडीए में किसी तरह की खटास से इनकार करते हुए मंत्री ने कहा कि गठबंधन पूरी तरह मजबूत और एकजुट है। यदि किसी नेता की ओर से सरकार या गठबंधन के खिलाफ कोई बयान दिया गया है, तो वह उनका व्यक्तिगत बयान है। पार्टी ऐसे बयानों से स्वयं को अलग रखती है।


