सहरसा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महागठबंधन के आह्वान पर गुरुवार को सहरसा में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला परिषद परिसर से समाहरणालय तक महागठबंधन के घटक दलों के नेता एवं कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में सड़क पर उतरे।
इस दौरान जिला से लेकर प्रखंड और पंचायत स्तर तक के नेता एवं कार्यकर्ता हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोर गद्दी छोड़” सहित विभिन्न नारे लगाए। समाहरणालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रतीकात्मक पुतले का दहन कर विरोध जताया।
महागठबंधन नेताओं ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। नेताओं का कहना था कि मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता, जिला पदाधिकारी, प्रखंड अध्यक्ष, पंचायत स्तर के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बिहार के विभिन्न जिलों में भी महागठबंधन द्वारा इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन और पुतला दहन किए जाने की खबरें सामने आई हैं।


