मंगलवार को नगर निगम सहरसा की मेयर बैन प्रिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर जवाब दिया। इस दौरान एक दस्तावेज जारी किया गया, जिसमें कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के आरोपों पर बिंदुवार जवाब दिया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी दस्तावेज में चुनाव प्रक्रिया, एसआईआर, कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र और राहुल गांधी के बयानों का उल्लेख करते हुए विपक्ष के दावों पर सवाल उठाए गए हैं।
दस्तावेज में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को संबंधित चुनावी प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया है। इसके बावजूद विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहा है।
दस्तावेज में कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र का भी जिक्र है। इसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पत्र में उठाया गया मामला किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति से जुड़े प्रशासनिक मामले से संबंधित था।
इसके अलावा एक कथित अंग्रेजी दैनिक में छपी रिपोर्ट को ‘तथ्यहीन और काल्पनिक’ बताते हुए दस्तावेज में कहा गया है कि रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस आधार नहीं है।
फार्म-6 को लेकर भी चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज में कहा गया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की निर्धारित प्रक्रिया पहले से लागू है और हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा रहा है।
वहीं ईवीएम को लेकर राहुल गांधी के पूर्व में दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए दस्तावेज में ईवीएम पर लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाया गया है और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता का बचाव किया गया है।
इस मौके पर मेयर बैन प्रिया ने कहा कि विपक्ष द्वारा तथ्यहीन भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है।


