सहरसा। अगवानपुर स्थित एग्रीकल्चर में मजदूरी करने वाले 37 वर्षीय मिथिलेश पासवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जांच की मांग की है। मृतक की पहचान सिसई वार्ड नंबर-13 निवासी जगदीश पासवान के पुत्र मिथिलेश पासवान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मिथिलेश वर्ष 2007 से एग्रीकल्चर में मजदूरी करता था।
मृतक के भाई बेचन पासवान ने बताया कि एक दिन पहले बकरी द्वारा घास खाने को लेकर मिथिलेश का बाघों यादव से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान मारपीट भी हुई थी। परिजनों के अनुसार, मामले को लेकर हरिजन थाना में शिकायत दर्ज कराने की बात हुई थी, लेकिन बाद में पंचायत के माध्यम से मामला सुलझा लिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
परिजनों के मुताबिक, मिथिलेश ने गुरुवार दिन में एग्रीकल्चर में काम किया था। रात में उसे पंप के पास रखा गया। कुछ देर बाद परिजनों को करंट लगने की बात बताई गई। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ लोग नाश्ता कर रहे थे। मिथिलेश के बारे में पूछने पर कथित तौर पर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों ने कॉलेज प्रशासन और मैनेजर राजीव रंजन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आमतौर पर दो मजदूरों को काम के लिए भेजा जाता था, लेकिन घटना वाले दिन केवल मिथिलेश को ही भेजा गया। घटना के बाद भी कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक कोई मौके पर देखने तक नहीं आया।
मृतक के परिजनों ने पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए सोची-समझी हत्या की आशंका जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि एग्रीकल्चर में काम करने के दौरान मजदूर की मौत हुई है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।





