सहरसा। शहर के एयरपोर्ट के बगल में नगर निगम की ओर से कराए जा रहे पार्क एवं सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो योजना से संबंधित बोर्ड लगाया गया है और न ही प्राक्कलन राशि समेत अन्य आवश्यक विवरण सार्वजनिक किए गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक ही प्रकार के कार्य को करीब 14 हिस्सों में बांटकर अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से निर्माण कराया जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पीडब्ल्यूडी (PWD) से आवश्यक एनओसी ली गई है या नहीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय समाजसेवी नूनू यादव ने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन निर्माण कार्य में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की जमीन से जुड़े क्षेत्र में यदि एक पदाधिकारी सौंदर्यीकरण का कार्य कराते हैं और बाद में दूसरे विभाग के अधिकारी उसे हटाने या तुड़वाने की कार्रवाई करते हैं तो इससे सरकारी राशि की बर्बादी हो सकती है। उन्होंने एयरपोर्ट की जमीन से संबंधित आवश्यक स्वीकृति और एनओसी को स्पष्ट करने की मांग की।
वहीं, पार्क में लगाई गई लाइटों को लेकर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि कुछ स्थानों पर पर्याप्त रोशनी है, जबकि कई जगहों पर अंधेरा बना हुआ है। इसके अलावा डेकोरेटिव लाइटें भी कहीं लगाई गई हैं तो कहीं काम अधूरा छोड़ा गया है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से पूरे परिसर में व्यवस्थित और समान प्रकाश व्यवस्था कराने की मांग की है।
इधर, नगर आयुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर पार्क के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य जल्द शुरू कराना जरूरी था। सामान्य प्रक्रिया के तहत टेंडर में काफी समय लग सकता था, इसलिए कार्य शुरू करने में तेजी लाई गई। कुछ कारणों से निर्माण कार्य में समय लगा है, लेकिन इसे इसी महीने तक पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर आयुक्त ने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पार्क और आसपास के क्षेत्र को बेहतर स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों की ओर से योजना बोर्ड, प्राक्कलन, एनओसी और लाइटिंग को लेकर उठाए गए सवालों पर स्पष्ट जानकारी सामने आना अभी बाकी है।





