सहरसा में जमीन विवाद से जुड़ा एक मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। किरायेदारों से मारपीट और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए जाने के बाद अब दूसरे पक्ष ने भी सामने आकर अपनी सफाई दी है और आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
दरअसल, मुरलीगंज प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी विशाल ठाकुर ने सदर थाना सहरसा में आवेदन देकर अपने पड़ोस में रहने वाले लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि उनके मकान में रहने वाले किरायेदारों के साथ उनकी गैरमौजूदगी में गाली-गलौज और मारपीट की जाती है।
जिससे कई किरायेदार मकान छोड़कर जा चुके हैं।
वहीं, अब इस मामले में दूसरे पक्ष ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया है कि उनके पास CCTV फुटेज मौजूद है। उनका कहना है कि फुटेज में कथित तौर पर विशाल ठाकुर के लोगों द्वारा उनके घर के कैंपस में घुसकर उनके लड़कों के साथ मारपीट किए जाने की घटना दिखाई देती है।
दूसरे पक्ष का यह भी आरोप है कि पूर्व में भी उनके खिलाफ कई शिकायतें की गईं,
लेकिन बाद में वे शिकायतें गलत साबित हुईं। उनका कहना है कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।
दूसरे पक्ष के मुताबिक, उन्होंने जमीन केवाला विशाल ठाकुर के चाचा से खरीदी थी और अब उन पर जमीन बेचकर वहां से चले जाने का दबाव बनाया जा रहा है।
फिलहाल, इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक पक्ष किरायेदारों के साथ मारपीट और मकान खाली कराने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरा पक्ष इन आरोपों को खारिज करते हुए CCTV फुटेज को अपने पक्ष का सबूत बता रहा है।
अब पुलिस जांच, CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।





