26 शिक्षकों को मिला बेस्ट टीचर अवार्ड, डीएम ने पूछे विषय से जुड़े सवाल; संतोषजनक जवाब नहीं देने वालों को सुधार की हिदायत
सहरसा। शिक्षक दिवस पर सम्मान पाने पहुंचे जिले के 26 चयनित शिक्षकों को उस वक्त अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ा, जब जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मंच पर ही उनकी विषयगत जानकारी परखनी शुरू कर दी। डीएम ने शिक्षकों से उनकी शैक्षणिक योग्यता, विश्वविद्यालय और स्नातक विषय की जानकारी लेने के बाद संबंधित विषयों से जुड़े सवाल पूछे। कुछ शिक्षक सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जबकि कई शिक्षकों ने सही उत्तर देकर अपनी विषयगत पकड़ साबित की।
सहरसा कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित समारोह में डीएम दीपेश कुमार, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित आनंद सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने दो टूक कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षकों की पहली जिम्मेदारी है। यदि कोई शिक्षक बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम नहीं है तो उसे अपनी जिम्मेदारी पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कमजोर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को अपनी विषयगत जानकारी और शैक्षणिक क्षमता में सुधार करने की स्पष्ट हिदायत दी और कहा कि लापरवाही जारी रही तो विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
सम्मान मिला है तो जिम्मेदारी भी निभानी होगी
डीएम ने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य के निर्माता होते हैं। इसलिए केवल ‘बेस्ट टीचर’ का पुरस्कार हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कक्षा में भी शिक्षक को अपनी योग्यता साबित करनी होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अब प्रत्येक शनिवार को स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर शिक्षकों से उनके विषय से जुड़े सवाल पूछकर ज्ञान की परीक्षा भी ली जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बेहतर शिक्षकों को मॉडल स्कूलों में मिलेगी जिम्मेदारी
डीएम ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को जिले के 11 मॉडल स्कूलों में प्रतिनियुक्त करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर करने के लिए सक्षम और विषय पर मजबूत पकड़ रखने वाले शिक्षकों की आवश्यकता है।
11 मॉडल स्कूलों में बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर
मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 11 मॉडल स्कूल चयनित किए गए हैं। राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार इन स्कूलों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करना लक्ष्य है। इसके लिए बेहतर शिक्षकों का चयन कर आवश्यकता के अनुसार उनकी प्रतिनियुक्ति की जा रही है।
डीएम ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए विद्या ऐप के माध्यम से 24×7 लाइव क्लास की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों में खेल और संगीत के प्रति रुचि बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभिभावकों के साथ नियमित बैठक कर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने जिले के विभिन्न विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 26 शिक्षकों का चयन बेस्ट टीचर अवार्ड के लिए किया था। हालांकि सम्मान समारोह के दौरान हुई विषयगत परीक्षा ने यह साफ कर दिया कि सम्मान के साथ शिक्षकों की जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है।


