सहरसा: जिले में स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। सहरसा जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने जिला प्रशासन की पहल पर अपने पेट्रोल पंप परिसर में 15 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट की स्थापना की है। इस सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने किया।
उद्घाटन के अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि सहरसा जिले में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन लगातार लोगों को प्रेरित कर रहा है। उन्होंने अर्जुन चौधरी को इस पहल के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह कदम न सिर्फ बिजली की बचत करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
जिलाधिकारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान सोलर प्लांट के फायदे बताते हुए कहा कि 15 किलोवाट क्षमता का यह संयंत्र प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन करेगा। अनुमान के अनुसार इससे प्रतिदिन करीब 60 यूनिट और महीने में लगभग 1800 यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है। ऐसे में सोलर प्लांट लगाने में किया गया निवेश लगभग दो से तीन वर्षों में वसूल हो सकता है।
उन्होंने बताया कि सोलर पावर प्लांट की औसत उपयोगी अवधि करीब 25 वर्ष होती है। इसका अर्थ है कि शुरुआती निवेश की लागत निकलने के बाद लंबे समय तक बिजली की लागत में बड़ी बचत संभव है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोगों को सोलर सिस्टम और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों पर अधिक निर्भर होना पड़ेगा।
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में बिजली उत्पादन के लिए प्राकृतिक संसाधनों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, जिसका पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। लगातार बढ़ता तापमान और ग्लोबल वार्मिंग दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना समय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर सभी लोगों को जागरूक होना होगा। सहरसा में शुरू की गई यह पहल जिले के अन्य व्यापारियों, संस्थानों और आम लोगों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकती है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग सोलर ऊर्जा को अपनाएं और बिजली बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं।


