सहरसा। नगर निगम सहरसा में पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन द्वारा संचालित योजनाओं में सरकारी धन के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता, निविदा शर्तों के उल्लंघन एवं व्यापक भ्रष्टाचार से संबंधित परिवाद की जांच के लिए बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परिवाद में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए संयुक्त सचिव संजय कुमार की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति में अवर सचिव परमानंद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता हरेंद्र उपाध्याय तथा सहायक अभियंता अखिलेश कुमार को सदस्य बनाया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम सहरसा में वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न स्रोतों से होने वाली बंदोबस्ती तथा अन्य योजनाओं में अनियमितता बरती गई। इसके अलावा पटेल मैदान स्थित निर्माणाधीन पार्क, वार्ड संख्या-13 के आईडी सिंह चौक के समीप परिवार जीवधार कार्य, शाहपुर गांव स्थित पार्क निर्माण एवं पोखर जीर्णोद्धार से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की जाएगी।
विभाग ने नगर आयुक्त, नगर निगम सहरसा से इन सभी मामलों से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही वर्तमान नगर आयुक्त के प्रभार ग्रहण करने के बाद उनके द्वारा दिए गए सभी कार्यादेशों से संबंधित योजनाओं की सूची एवं संचिका भी जांच के लिए मांगी गई है।
जांच समिति को पूरे मामले की जांच कर स्पष्ट मंतव्य के साथ 15 दिनों के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। विभागीय आदेश में सक्षम प्राधिकारी से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की भी पुष्टि की गई है।
इस कार्रवाई के बाद नगर निगम सहरसा से जुड़ी योजनाओं और कार्यादेशों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जांच की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।


