सहरसा: में आगामी श्रावणी मेला को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को सिमरी बख्तियारपुर स्थित प्रसिद्ध मटेश्वर धाम मंदिर परिसर में जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की।
श्रावणी मेला का आयोजन 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक होगा। इस दौरान चार सोमवारी पड़ेंगी, जिसमें पहली सोमवारी 3 अगस्त, दूसरी 10 अगस्त, तीसरी 17 अगस्त और चौथी सोमवारी 24 अगस्त 2026 को होगी। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर व्यापक योजना तैयार की है।
बैठक में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, स्वास्थ्य सुविधा, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और डाकबम श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार ने पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को मेले के दौरान पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी के टैंकर लगाने और अतिरिक्त चापाकल की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। वहीं महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग अस्थायी शौचालयों का निर्माण कराने को कहा गया।
महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के समीप स्थित पोखर सहित अन्य स्थानों पर चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश दिए गए। निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए मंदिर न्यास समिति को जेनरेटर की व्यवस्था रखने तथा सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का भी निर्देश दिया गया।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर को पूरे मेला अवधि में विशेष सफाई अभियान चलाने और पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती करने को कहा गया। आसपास के पंचायतों के सफाई कर्मियों की भी जरूरत के अनुसार मदद लेने का निर्देश दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मेला क्षेत्र के सभी प्रमुख स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। वहीं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सिविल सर्जन को मेला अवधि में स्वास्थ्य शिविर लगाने, डॉक्टरों की टीम, आवश्यक दवाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए बैरिकेडिंग, ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था करने को कहा गया। मुख्य सड़क से मटेश्वर धाम मंदिर तक आने वाले मार्गों पर विशेष यातायात प्रबंधन किया जाएगा।
बैठक में डीडीसी गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत कुमार, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन मुकेश कुमार, नगर आयुक्त प्रभात झा, एसडीओ एवं एसडीपीओ सिमरी बख्तियारपुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि मटेश्वर धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समय पर तैयारियां पूरी करें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित माहौल मिल सके।






