एक तरफ जहां बिहार सरकार हरित क्रांति और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर सहरसा में इसका उल्टा नजारा देखने को मिल रहा है। जिले में किसानों के नाम पर हरियाली पर लगातार कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। जिलेवी से लेकर अर्जुना . पानी गमार पौधा तक रोजाना पेड़ों की कटाई कर उन्हें खरीदा और बेचा जा रहा है, लेकिन इसे रोकने वाला कोई नजर नहीं आ रहा।
लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी से आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बाद भी संबंधित विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता और मामले से अपना पल्ला झाड़ लेता है।
हालांकि मामले को लेकर जब डीएफओ से बात की गई तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी करने की बात कही है। डीएफओ ने कहा कि अवैध कटाई की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि खबर सामने आने के बाद वन विभाग और प्रशासन हरकत में आता है या फिर यह मामला भी सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।





