बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रमंडलीय सम्मेलन में कोशी स्नातक विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार उतारने की घोषणा
सहरसा: बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में रविवार को प्रमंडलीय पुस्तकालय भवन, सहरसा में कोशी प्रमंडल स्तरीय शिक्षक संवाद सह सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सचिव सह जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार ने की, जबकि मंच संचालन मधेपुरा जिलाध्यक्ष भुवन कुमार ने किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में शिक्षकों एवं संघ पदाधिकारियों ने भाग लिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षकों को प्रोन्नति, पूर्ण वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना लागू होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार को शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि नियमावली में प्रावधान होने के बावजूद शिक्षकों को समय पर वेतन, कालबद्ध प्रोन्नति, स्नातक ग्रेड में पदोन्नति, प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति और स्थानांतरण जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि यह विभागीय लापरवाही और सरकारी आदेशों की अवहेलना का परिणाम है।
प्रदेश अध्यक्ष ने सभी कोटि के शिक्षकों के लिए प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान, 12 वर्ष की सेवा पर कालबद्ध प्रोन्नति, स्नातक ग्रेड में पदोन्नति, पूर्ण वेतनमान, पुरानी पेंशन योजना, अंतर जिला एवं जिला अंतर्गत स्थानांतरण, वेतन संरक्षण, ईपीएफ कटौती में सुधार, सेवा से मुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों की पुनर्बहाली, अनुकंपा नियुक्ति, 65 वर्ष तक सेवा विस्तार तथा शारीरिक शिक्षकों को सहायक शिक्षक का दर्जा देने सहित कई मांगें सरकार के समक्ष रखीं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आगामी मानसून सत्र के दौरान बिहार विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षकों की आवाज को प्रभावी ढंग से विधान परिषद में उठाने के लिए आगामी कोशी स्नातक विधान परिषद चुनाव में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ अपना उम्मीदवार उतारेगा।
कार्यक्रम को प्रदेश कोषाध्यक्ष अनवार करीम, उपाध्यक्ष शंभू यादव, राज्य सचिव निरंजन कुमार सहित कोशी और सीमांचल के विभिन्न जिलों से आए संघ पदाधिकारियों एवं शिक्षक नेताओं ने संबोधित करते हुए शिक्षकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। सम्मेलन में सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और मधुबनी सहित कई जिलों के शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





