सहरसा/सुपौल, 5 जुलाई:
कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. कुमार आशीष ने शनिवार को भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण एवं समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वीरपुर अनुमंडल क्षेत्र में स्थापित सीमा चेक पोस्टों का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के समादेष्टा गौरव सिंह तथा वीरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार के साथ सीमा पर लगाए गए चेक प्वाइंट, थर्मल स्कैनिंग मशीन और दूरबीन (बाइनाकुलर) की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात एसएसबी जवानों को जांच के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।
डीआईजी ने सुपौल पुलिस और एसएसबी अधिकारियों को आपसी समन्वय मजबूत करते हुए सीमा क्षेत्र में होने वाली हर प्रकार की अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक के दौरान भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी, पशु तस्करी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराधियों के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में डीआईजी ने निर्देश दिया कि सीमा क्षेत्र में प्रत्येक माह नेपाल के सुरक्षा बलों और एसएसबी के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाए, ताकि सूचना का आदान-प्रदान बेहतर हो और सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने आवश्यकता के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर नए पुलिस ओपी अथवा थानों के सृजन का प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक के माध्यम से बिहार पुलिस मुख्यालय भेजने का भी निर्देश दिया, जिससे सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।





