सहरसा। गुमशुदा, लापता एवं अपहृत बच्चों की बरामदगी को लेकर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत गुरुवार को पुलिस उप महानिरीक्षक, कोसी क्षेत्र, सहरसा के कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोसी क्षेत्र के सहरसा, सुपौल एवं मधेपुरा जिलों की मानव व्यापार निरोध इकाई (AHTU) के प्रभारी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान तीनों जिलों के AHTU प्रभारियों को 20 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक विशेष सघन अभियान चलाकर गुमशुदा, लापता एवं अपहृत बच्चों की बरामदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए थानों में कार्यरत महिला हेल्प डेस्क, बाल कल्याण हेल्प डेस्क, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, मानव व्यापार निरोध इकाई के पदाधिकारी, महिला थानाध्यक्ष एवं पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) को समेकित रूप से अभियान में शामिल किया गया है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मानव व्यापार, बाल श्रम, अनैतिक गतिविधियों, साइबर अपराध तथा महिला एवं बाल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और रोकथाम करना है। पुलिस की ओर से अभियान के दौरान गुमशुदा एवं लापता बच्चों से जुड़े मामलों की विशेष रूप से समीक्षा कर उनकी बरामदगी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या संबंधित विभाग को दें। लोगों को अनजान नंबरों से आने वाले फर्जी कॉल से सावधान रहने और बच्चों को भी साइबर अपराध एवं मानव तस्करी के संभावित खतरों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई है।
पुलिस ने विशेष रूप से लोगों को सरकारी नौकरी अथवा अधिक वेतन वाली नौकरी का झांसा देने वाले अपरिचित व्यक्तियों की बातों पर विश्वास नहीं करने की सलाह दी है। किसी भी प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल करने को कहा गया है। पुलिस के अनुसार फर्जी कॉल अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चियों को बहला-फुसलाकर ले जाने और मानव तस्करी का शिकार बनाने की घटनाओं को रोकने के लिए समाज की सतर्कता बेहद जरूरी है।
पुलिस ने कहा कि अपराध की रोकथाम केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या गुमशुदगी की जानकारी छिपाने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा में सहयोग करना चाहिए।
20 अगस्त से 10 सितंबर तक चलने वाले “ऑपरेशन तलाश” के तहत कोसी क्षेत्र में गुमशुदा, लापता एवं अपहृत बच्चों की बरामदगी को लेकर पुलिस की विशेष निगरानी और सघन अभियान जारी रहेगा।





