सहरसा: जिले के महिषी प्रखंड के ग्राम पंचायत कुन्दह से स्वास्थ्य और सड़क व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहां वार्ड नंबर 4 और 5 में सड़क की स्थिति खराब होने के कारण एक गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा के बीच चारपाई के सहारे एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और आवागमन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि 6 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे कुन्दह पंचायत निवासी महारानी कुमारी, पति विकास कुमार पंडित, गर्भावस्था के दौरान तेज दर्द से परेशान थीं। परिजनों ने एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन सड़क की स्थिति खराब होने के कारण एंबुलेंस उनके घर तक नहीं पहुंच सकी।
इसके बाद ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए गर्भवती महिला को चारपाई पर लिटाया और उसे उठाकर काफी दूर तक ले गए। सड़क तक पहुंचने के बाद महिला को एंबुलेंस में बैठाकर अस्पताल ले जाया गया।
वायरल वीडियो में ग्रामीणों द्वारा चारपाई के सहारे गर्भवती महिला को ले जाते हुए देखा जा सकता है। यह तस्वीर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क एवं एंबुलेंस पहुंच की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
हालांकि, ग्रामीणों के लिए यह समस्या कोई नई बात नहीं है। बरसात और बाढ़ के दौरान जब ग्रामीण इलाकों में आवागमन बाधित होता है, तब मरीजों और खासकर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड नंबर 4 और 5 में आवागमन की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सड़क की स्थिति खराब रहने के कारण गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना चुनौती बन जाता है।
अब सवाल यह है कि आपात स्थिति में अगर एंबुलेंस मरीज के घर तक नहीं पहुंच पाए तो आखिर ग्रामीणों को कब तक चारपाई का सहारा लेना पड़ेगा? प्रशासन और संबंधित विभाग कब इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा?
ग्रामीणों ने मांग की है कि वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़क एवं आवागमन व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को इलाज के लिए इस तरह चारपाई के सहारे एंबुलेंस तक पहुंचाने की मजबूरी न हो।


