सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सिविल सर्जन ने किया अस्पताल का निरीक्षण, जनरेटर की खराबी बताई गई वजह
सहरसा सदर अस्पताल में सोमवार रात एक घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने और मरीजों का इलाज टॉर्च की रोशनी में किए जाने की घटना का असर देखने को मिला। मामले के सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार रात करीब 8 बजे से 9 बजे के बीच अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने से अस्पताल परिसर अंधेरे में डूब गया। अस्पताल में जनरेटर की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद बिजली बहाल नहीं हो सकी। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड, ड्रेसिंग रूम और प्लास्टर रूम में मरीजों का इलाज मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
सौर बाजार की देवकी देवी ने बताया कि वह अपने घायल परिजन बैजनाथ शर्मा का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थीं। बिजली नहीं रहने और भीषण गर्मी के कारण उन्हें मरीज को हाथ से पंखा झलना पड़ा। उन्होंने कहा कि करीब एक घंटे तक अस्पताल में बिजली नहीं रही, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई।
मंगलवार दोपहर अस्पताल पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने अस्पताल प्रबंधक और डिप्टी सुपरिटेंडेंट से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण संस्था में इस तरह की लापरवाही गंभीर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अस्पताल में बिजली व्यवस्था देखने वाले मिस्त्री ने बताया कि जनरेटर में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण उसे समय पर चालू नहीं किया जा सका। इसी वजह से बिजली कटने के बाद भी वैकल्पिक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पताल की बिजली व्यवस्था में सुधार होगा, ताकि भविष्य में मरीजों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।





