सहरसा सदर अस्पताल के पीछे बसे महादलित परिवारों ने की पुनर्वास की मांग, डीएम को सौंपा आवेदन

सहरसा। सदर अस्पताल सहरसा के पीछे सड़क किनारे वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे महादलित समुदाय के लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। इस संबंध में लोगों ने जिला पदाधिकारी सहरसा को आवेदन सौंपकर स्थायी जमीन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।



आवेदन में बताया गया है कि करीब 100 परिवार पिछले कई दशकों से सदर अस्पताल के उत्तर दिशा स्थित सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। ये लोग नगर निगम सहित विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों में साफ-सफाई का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।



लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा 10 जून 2026 को सूचना दी गई कि 17 जून 2026 तक झुग्गी-झोपड़ी खाली कर दी जाए। ऐसे में करीब 200 से अधिक लोग, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं, बेघर होने की स्थिति में पहुंच जाएंगे।



पीड़ित परिवारों ने बताया कि उनके पास अपनी कोई निजी जमीन नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि झुग्गी हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उन्हें रहने के लिए स्थायी जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने बच्चों के साथ सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।



महादलित परिवारों ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लोगों की समस्या को देखते हुए प्रशासन मानवीय आधार पर जल्द उचित निर्णय ले।

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