सहरसा। जिले के बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र के मनिया स्थित तिलावे नदी से गुरुवार को 45 वर्षीय महिला का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और परिजनों ने सोनवर्षा–महेशखुट मुख्य सड़क को जाम कर पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रहने के बाद सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर के निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर लोगों ने जाम समाप्त किया।
मृतका की पहचान बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-4 निवासी मीना देवी (45), पति नरेश यादव, के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मीना देवी बुधवार की शाम करीब चार बजे घर से निकली थीं, जिसके बाद वह लापता हो गईं। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। गुरुवार सुबह तिलावे नदी से एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली। जब शव को बाहर निकाला गया तो उसकी पहचान मीना देवी के रूप में हुई।
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतका की दोनों बेटियां गुड्डी कुमारी और करुणा कुमारी गहरे सदमे में हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की तथा हत्या की आशंका जताई।
सूचना मिलते ही सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर, बनमा ईटहरी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार सहनी तथा सोनवर्षा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार मृतका के चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह हत्या, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से हुई मौत है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
वहीं परिजनों ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद के कारण मीना देवी की हत्या की गई है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





