सहरसा: जिले के बनमा ईटहरी प्रखंड की सहुरिया पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, भेरहा इन दिनों चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। नेपाल से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण पिछले दो दिनों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। हालात ऐसे हैं कि छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षक और शिक्षिकाओं को भी विद्यालय पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर तक कमरभर पानी में पैदल चलकर जाना पड़ रहा है।
बाढ़ के कारण विद्यालय परिसर और आसपास का पूरा इलाका जलमग्न हो गया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। इसके बावजूद पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शिक्षक जोखिम उठाकर विद्यालय पहुंच रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका चंदा कुमारी ने बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए विद्यालय को किसी सुरक्षित स्थान पर अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने अथवा विद्यालय संचालन को फिलहाल स्थगित करने के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन दिया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण विद्यालय का संचालन बेहद कठिन हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान विद्यालय की यही स्थिति होती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि बाढ़ के पानी के बीच बच्चों और शिक्षकों का विद्यालय पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी और बच्चों व शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द विद्यालय के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो और किसी अप्रिय घटना की आशंका भी समाप्त हो सके।





