मुख्य नाले की वर्षों से सफाई नहीं होने का आरोप, वार्ड पार्षद बोले— करोड़ों की मशीनें ऑपरेटर के अभाव में बेकार
सहरसा। बिहार सरकार भले ही मानसून को लेकर बेहतर तैयारियों के दावे कर रही हो, लेकिन कोसी क्षेत्र में हर साल की तरह इस बार भी मानसून से पहले हुई बारिश ने व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी है।
सहरसा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-31 में पहली ही बारिश के बाद गंभीर जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी वार्ड में राज्यसभा सांसद प्रो. मनोज झा का पैतृक आवास भी स्थित है। शुक्रवार को जब सांसद अपने घर पहुंचे तो गली में भरे बारिश के पानी को देखकर उन्होंने वार्ड पार्षद आशीष रंजन को मौके पर बुलाकर समस्या की जानकारी ली।
वार्ड पार्षद आशीष रंजन ने बताया कि वार्ड की नालियों की सफाई कराई जा चुकी है, लेकिन जिस मुख्य नाले से पूरे इलाके के पानी की निकासी होती है, उसकी नगर निगम बनने के बाद से आज तक सफाई नहीं कराई गई।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार नगर आयुक्त को लिखित आवेदन दिया गया और जिला पदाधिकारी की बैठकों में भी मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तीन सफाई मशीनें खरीदी हैं, लेकिन ऑपरेटरों की नियुक्ति नहीं होने के कारण उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्य नाले की सफाई नहीं होने से मानसून शुरू होने से पहले ही जलजमाव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं कराई गई तो लगातार बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से अविलंब मुख्य नाले की सफाई और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि मानसून के दौरान लोगों को जलजमाव की समस्या से राहत मिल सके।





