सहरसा: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में तत्कालीन डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने यह कार्रवाई की है।
ईओयू ने 29 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें 31 मार्च को वैभव कुमार के सहरसा स्थित आवास, कार्यालय सहित अन्य ठिकानों पर की गई छापेमारी का उल्लेख किया गया। जांच में आय से लगभग 78 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि के दौरान वैभव कुमार का मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में रहेगा। उनके खिलाफ आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 04/2026 दर्ज है।
जांच में यह सामने आया कि वैभव कुमार ने 2013 में ग्रामीण विकास पदाधिकारी के रूप में नियुक्ति के बाद विभिन्न पदों पर रहते हुए कथित रूप से अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। 31 मार्च की सुबह करीब 7 बजे ईओयू की टीम ने उनके घर, कार्यालय और अन्य करीब आधा दर्जन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
ईओयू की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उनके पास कई अचल संपत्तियां, प्लॉट और जमीन के दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसी के अनुसार उनके द्वारा अपनी वार्षिक संपत्ति विवरणी में कुछ संपत्तियों का उल्लेख नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।
वैभव कुमार बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 53-55वीं संयुक्त परीक्षा से वर्ष 2013 में चयनित होकर ग्रामीण विकास पदाधिकारी बने थे। इससे पहले वे भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत थे। उनकी अंतिम पदस्थापना परियोजना पदाधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), सहरसा के रूप में थी।





