दिल्ली के जंतर-मंतर और हाल के दिनों में पटना में हुए आंदोलनों के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को
सहरसा पुलिस लाइन में डीआईजी की निगरानी में दंगा नियंत्रण को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस जवानों ने उग्र भीड़ और पथराव जैसी परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल में जवानों ने प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव की काल्पनिक स्थिति बनाई, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा दंगा नियंत्रण में उपयोग होने वाले विशेष सुरक्षा उपकरणों, बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, ढाल और रणनीतिक घेराबंदी का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने जवानों को संयम के साथ स्थिति संभालने और आवश्यकता पड़ने पर तय मानकों के अनुसार कार्रवाई करने का प्रशिक्षण दिया।
डीआईजी ने बताया कि बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में पुलिस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर सके।
उन्होंने कहा कि सहरसा पुलिस हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आम लोगों की सुरक्षा तथा शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसी मॉक ड्रिल से पुलिस बल की दक्षता, अनुशासन और आपसी समन्वय को और मजबूती मिलती है।


