सहरसा जिले के बलवाहाट थाना पुलिस पर एक युवक को हिरासत में लेकर बेरहमी से पिटाई करने और रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर पीड़ित परिवार में चीख-पुकार और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित के पिता परमानंद साह ने बिहार के डीजीपी, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री तथा मानवाधिकार आयोग को आवेदन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित पिता के अनुसार उनका 28 वर्षीय पुत्र प्रवेश कुमार पटना में रहकर बीपीएससी की तैयारी करता है। बताया गया कि 16 मई की रात करीब 12:30 बजे महिला पुलिसकर्मी सिल्पी कुमारी समेत बलवाहाट थाना की पुलिस टीम लगभग दो दर्जन जवानों के साथ उनके घर पहुंची और बिना स्पष्ट कारण बताए युवक को जबरन उठाकर थाना ले गई।
परिजनों का कहना है कि बगल के एक डीलर की बेटी किसी अन्य युवक के साथ घर से चली गई थी। डीलर द्वारा प्रवेश कुमार की संलिप्तता की आशंका जताई गई थी, जबकि लड़की का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इसी मामले को लेकर पुलिस युवक को पूछताछ के लिए थाना ले गई।
परिवार का आरोप है कि अगले दिन जब वे थाना पहुंचे तो युवक को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई। किसी तरह 10 हजार रुपये देने के बाद युवक को छोड़ा गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। परिवार का कहना है कि युवक ठीक से बोल और सुन भी नहीं पा रहा है।
युवक की बिगड़ती हालत को देखते हुए पहले उसे बख्तियारपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया गया।
इधर मामले पर सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।





