अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को सहरसा व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित 10 कोर्ट बिल्डिंग में योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया।
योग शिविर में योग गुरु एवं प्रशिक्षक मनोज कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर नहीं बनाता, बल्कि मानसिक शांति, एकाग्रता और कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है। नियमित योग करने से व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकता है।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के सचिव संजय कुमार ने कहा कि योग से शरीर निरोग रहता है तथा मानसिक और शारीरिक स्थिरता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से कार्यक्षमता बढ़ती है और व्यक्ति अपने कर्तव्यों का अधिक प्रभावी ढंग से पालन कर सकता है। इसी उद्देश्य से व्यवहार न्यायालय परिसर में योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
योग गुरु मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। योग अब लोगों की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। उन्होंने सभी लोगों से योग को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने तथा समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। योग शिविर का उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और लोगों को योग के प्रति प्रेरित करना था।





