सहरसा। ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं पशुपालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (MMRY) के अंतर्गत पशु सखियों, सीएलएफ एंकर पर्सन एवं एलएचएस के लिए एक दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सहरसा जिले में किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार, संयंत्र प्रभारी कौशलेन्द्र कुमार एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पशु सखियों एवं सामुदायिक कैडरों को डेयरी एवं पशु प्रबंधन से संबंधित नवीनतम तकनीकी जानकारियों से अवगत कराना तथा उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने हेतु सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित आहार, टीकाकरण, नस्ल सुधार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, डेयरी प्रबंधन एवं पशुपालन से आय बढ़ाने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित पशु सखियां गांव स्तर पर पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी तथा उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रबंधक (लाइवस्टॉक) अभिनव कुमार, जिला नोडल विक्रमादित्य, सुशील कुमार, खुशबू कुमारी, राहुल कुमार, ज्ञान भारती, संदीप कुमार एवं मनोज कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं संसाधन व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से पशु सखियों को वैज्ञानिक पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित कर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।





