सहरसा: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता को लेकर विकास भवन में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रबुद्धजनों, डॉक्टरों एवं अन्य गणमान्य लोगों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की उपयोगिता, प्रचार-प्रसार और इसके सामाजिक एवं आर्थिक लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बढ़ती बिजली मांग और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को कम करने के लिए सौर ऊर्जा को अपनाना समय की आवश्यकता है। सौर ऊर्जा न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि आम लोगों के बिजली बिल में भी काफी कमी ला सकती है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकारी सब्सिडी प्रदान की जाती है। योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है।
जिलाधिकारी ने उपस्थित प्रबुद्धजनों से अपील की कि वे इस योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक परिवार इसका लाभ उठा सकें और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें, अपने घरों में सोलर पैनल लगाएं और बिजली की बचत कर ऊर्जा संरक्षण में योगदान दें।





