सहरसा सदर अस्पताल में गुरुवार को स्टेट हेड टीम ने औचक निरीक्षण किया। सेवा प्रदाता जैन प्लस प्राइवेट लिमिटेड के ऑपरेशन हेड मिल्टन सर एवं ऑपरेशन मैनेजर ने अस्पताल परिसर में संचालित एम्बुलेंस वाहनों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों एवं अन्य गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर रेफर करने और सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों को समय पर बेहतर सेवा मिलना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान जिन एम्बुलेंस वाहनों में तकनीकी खराबी, बॉडी रिपेयरिंग, सीट मरम्मत या अन्य कमियां पाई गईं, उन्हें जल्द से जल्द वर्कशॉप भेजकर दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया। टीम ने कहा कि एक माह के भीतर सभी खराबियों को दूर कर लिया जाए ताकि सेवा प्रभावित न हो।
वहीं सीएल आशीष वर्मा ने बताया कि सहरसा जिले में कुल 37 एम्बुलेंस वाहन संचालित हैं, जिनमें डीएलएस और एएलएस एम्बुलेंस के साथ दो मॉर्चुरी वाहन भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण चार से पांच एम्बुलेंस में बॉडी और सीट मरम्मत का काम कराया जाना है, जिसकी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।





