सहरसा में AIIMS स्थापना की मांग को लेकर कोशी विकास संघर्ष मोर्चा ने आवाज बुलंद कर दी है। मोर्चा की ओर से जारी ज्ञापन में कहा गया है कि कोशी और सीमांचल क्षेत्र की जनता वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं की उपेक्षा झेल रही है, जबकि सहरसा में AIIMS निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।
ज्ञापन में चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि आखिर किन कारणों से सहरसा की लगातार अनदेखी की जा रही है। मोर्चा ने यह भी उल्लेख किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी सरकार से पूछा था कि “सहरसा में AIIMS का निर्माण क्यों नहीं हो सकता?”
कोशी विकास संघर्ष मोर्चा ने मांग की है कि सहरसा में AIIMS स्थापना की औपचारिक घोषणा की जाए तथा भूमि चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित समिति की रिपोर्ट और चयन प्रक्रिया के सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कोशी क्षेत्र की स्वास्थ्य आपदा और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मोर्चा ने क्षेत्र की ऐतिहासिक उपेक्षा समाप्त कर AIIMS सहरसा परियोजना को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्राथमिकता परियोजना घोषित करने की मांग उठाई है।
मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या जाति विशेष का नहीं, बल्कि कोशी और सीमांचल क्षेत्र के करोड़ों गरीब, वंचित और आपदाग्रस्त लोगों के बेहतर स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई है।
उन्होंने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।





