सहरसा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहरसा जिला इकाई द्वारा 25 जून को “आपातकाल दिवस” एवं “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर लोकतंत्र की रक्षा एवं संविधान के सम्मान के संकल्प के साथ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर शहर में मौन मार्च निकाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री शिवभूषण सिंह ने किया। मौन मार्च में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
मौन मार्च शहर के वीर कुंवर सिंह चौक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः वीर कुंवर सिंह चौक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आपातकाल के दौर को याद करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा और नागरिक अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था। उस समय लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ और संविधान की मूल भावना को प्रभावित किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रहित के मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
जिला महामंत्री शिवभूषण सिंह ने कहा कि आपातकाल के विरोध में लोकतंत्र सेनानियों ने अपने त्याग, संघर्ष और साहस से लोकतंत्र की रक्षा की। यह दिवस हमें लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
वहीं भाजपा नेता विजय वसंत ने कहा कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था, जिसने लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने कहा कि यह दिन देशवासियों को लोकतंत्र की रक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश देता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।





