सहरसा सदर अस्पताल में मरीज बेहाल, व्यवस्था बदहाल! आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?

सहरसा सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल से आई तस्वीरें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज कब मिलेगा। सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और संसाधनों की उपलब्धता का दावा करती है।

यहां तक कि यह भी कहा जाता है कि अस्पताल में किसी प्रकार की कमी होने पर जिलाधिकारी की अनुशंसा से उसे तत्काल पूरा किया जाएगा। इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।



स्थानीय लोगों का कहना है कि जिलाधिकारी या अन्य पदाधिकारी व मंत्री के निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त दिखाई देती है, लेकिन निरीक्षण खत्म होते ही हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बदहाल व्यवस्था का जिम्मेदार आखिर कौन है? अस्पताल प्रबंधन, वरीय पदाधिकारी, कर्मचारी या फिर पूरी व्यवस्था?



हाल के दिनों में पटना के एक सरकारी अस्पताल की तस्वीर भी सामने आई थी, जहां स्वास्थ्य मंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सक ड्यूटी से गायब मिले थे। कार्रवाई के बाद मामला चर्चा में रहा, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठ रहे सवाल अब भी कायम हैं।



सहरसा सदर अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यदि अस्पताल की मूलभूत व्यवस्था ही लचर रहेगी तो इसका सबसे बड़ा खामियाजा गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भुगतना पड़ेगा। निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यवस्था में स्थायी सुधार सुनिश्चित होना चाहिए।



लोकल न्यूज सहरसा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से सवाल पूछता है—आखिर आम लोगों की जिंदगी किसके भरोसे है? क्या इस बदहाल व्यवस्था के लिए कभी किसी की जवाबदेही तय होगी या मरीज यूं ही परेशान होते रहेंगे?

Related Posts

सहरसा में करंट लगने से दुकानदार की दर्दनाक मौत, मोटर का कनेक्शन देते समय हुआ हादसा

सहरसा में करंट लगने से दुकानदार की दर्दनाक मौत, मोटर का कनेक्शन देते समय हुआ हादसा

सहरसा में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से किसान की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम

सहरसा में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से किसान की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *