सहरसा जिले के महिषी प्रखंड में सोमवार को बिहार राज्य खाद्य आयोग के सदस्य अंगद कुमार कुशवाहा ने मध्य विद्यालय बलुआहा का निरीक्षण किया। यह वही विद्यालय है, जहां कुछ दिन पूर्व मिड डे मील (एमडीएम) में सांप मिलने के बाद सैकड़ों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी।निरीक्षण के दौरान खाद्य आयोग सदस्य ने विद्यालय में चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली और पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।विद्यालय निरीक्षण के बाद अंगद कुमार कुशवाहा ने महिषी प्रखंड में संचालित एनजीओ की व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान भोजन निर्माण और वितरण प्रणाली की पड़ताल करते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई।निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब खाद्य आयोग सदस्य महिषी स्थित जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) गोदाम पहुंचे। वहां गोदाम पर ताला लटका मिला और मौके पर कोई भी जिम्मेदार कर्मी मौजूद नहीं था। सरकारी कार्य अवधि में गोदाम बंद रहने से व्यवस्था पर कई सवाल उठने लगे।हालांकि इस मामले में स्थानीय पदाधिकारियों का बचाव करते हुए अंगद कुमार कुशवाहा ने मीडिया को बताया कि डाटा ऑपरेटर की दादी का निधन हो जाने के कारण वह कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि एजीएम स्वयं अपनी गाड़ी से डाटा ऑपरेटर को लाने गए हैं।लेकिन इस बयान के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक कर्मचारी की अनुपस्थिति में पूरे गोदाम की व्यवस्था ठप हो जाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने सवाल उठाया कि वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।वहीं राशन ढुलाई में लगे ट्रक चालक भी अव्यवस्था से परेशान नजर आए। चालकों का कहना है कि पिछले करीब दस दिनों से गोदाम की स्थिति बदहाल बनी हुई है। कई ट्रक राशन लोड कर खड़े हैं और चालक एजीएम के इंतजार में परेशान हो रहे हैं। उनका आरोप है कि कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है।वाईट- अगंद कुशवाहा सदस्य .
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