सहरसा के किराना दुकानदार के तीन बच्चों ने रचा इतिहास, एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों ने पास की NEET परीक्षा
तुलसियाही गांव के रजनीश, साक्षी और प्रहलाद की शानदार सफलता, सीमित संसाधनों में सहरसा रहकर की तैयारी
एंकर-सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तुलसियाही गांव के एक साधारण परिवार ने असाधारण सफलता हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। गांव के किराना दुकानदार रोहित कुमार के दो बेटे और एक बेटी ने NEET-UG परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। तीनों भाई-बहनों ने बिना किसी बड़े महानगर में गए, सहरसा में रहकर स्थानीय कोचिंग और सेल्फ स्टडी के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।
तीनों में सबसे बड़े भाई रजनीश कुमार ने 720 में से 633 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3122 और ओबीसी रैंक 1173 हासिल की। वहीं, बहन साक्षी कुमारी ने 601 अंक के साथ AIR 9762 और ओबीसी रैंक 4340 प्राप्त की। सबसे छोटे भाई प्रहलाद कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में 565 अंक हासिल कर AIR 26751 और ओबीसी रैंक 12878 प्राप्त की।
तीनों भाई-बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालयों से पूरी की। रजनीश और साक्षी ने सीबीएसई से मैट्रिक तथा बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट किया, जबकि प्रहलाद ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट दोनों बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण किए।
पिता रोहित कुमार गांव में छोटी-सी किराना दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। मां पूनम देवी ने बच्चों की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि उनके बच्चे मेहनत के बल पर एक दिन परिवार और जिले का नाम रोशन करेंगे।
पहले ही प्रयास में सफलता पाने वाले प्रहलाद कुमार ने परीक्षा परिणाम समय पर जारी करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सराहना की और कहा कि इससे छात्रों का भरोसा और मजबूत हुआ है। उनका सपना भविष्य में एक कुशल ऑर्थोपेडिक सर्जन बनकर समाज की सेवा करना है।
साक्षी कुमारी ने बताया कि उन्होंने सहरसा में रहकर ही स्थानीय कोचिंग और नियमित पढ़ाई के सहारे यह सफलता हासिल की। उनका लक्ष्य बाल रोग विशेषज्ञ (चाइल्ड स्पेशलिस्ट) बनकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों की सेवा करना है।
सबसे बड़े भाई रजनीश कुमार ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आर्थिक कठिनाइयां सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत और आत्मविश्वास बना रहे तो किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।
तीनों भाई-बहनों की इस ऐतिहासिक सफलता पर तुलसियाही गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने उनके घर पहुंचकर तीनों को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।




