सहरसा। एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत चन्द्रायन पंचायत में करोड़ों रुपये की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उद्घाटन और स्वास्थ्य सेवाओं के इंतजार में पड़ा है। भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति नहीं होने से अस्पताल अब तक बंद है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
इसी मुद्दे को लेकर बिजलपुर पंचायत के चर्चित पूर्व मुखिया संजीव कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया और सरकार व प्रशासन से जल्द अस्पताल चालू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अस्पताल का भवन तैयार है, लेकिन डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने के कारण हजारों ग्रामीणों को इलाज के लिए आज भी दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
पूर्व मुखिया ने मांग की कि अस्पताल में तत्काल डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, चिकित्सकों के रहने के लिए आवास की व्यवस्था हो, उनके आवागमन के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाए तथा मरीजों की सुविधा के लिए कम से कम दो एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की सुरक्षा के लिए चारदीवारी (बाउंड्रीवाल) का निर्माण कराने की भी मांग की।
संजीव कुमार ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो महीने के भीतर अस्पताल को सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ चालू नहीं किया गया, तो वे जनहित में जल समाधि लेने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई है।






