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  • मधेपुरा में लंबित कांडों पर डीआईजी सख्त, लापरवाही बरतने वाले 4 पुलिस इंस्पेक्टरों का वेतन रोका, मांगा स्पष्टीकरण

    मधेपुरा में लंबित कांडों पर डीआईजी सख्त, लापरवाही बरतने वाले 4 पुलिस इंस्पेक्टरों का वेतन रोका, मांगा स्पष्टीकरण

    कोशी क्षेत्र सहरसा के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) ने मधेपुरा जिले में लंबित कांडों की समीक्षा करते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। समीक्षा के दौरान कांडों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले चार पुलिस इंस्पेक्टरों का वेतन धारित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। कार्य में सुधार नहीं होने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



    पुलिस मुख्यालय के निर्देश के आलोक में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक मधेपुरा सहित सभी अंचल पुलिस निरीक्षक शामिल हुए। बैठक में मई 2026 के दैनिक प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया, जिसमें कई थानों में अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण के लिए लंबित कांडों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।



    डीआईजी ने लंबित कांडों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए जून 2026 में कुल 1978 कांडों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया। सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे अनुसंधानकर्ताओं के पास लंबित कांडों की संख्या, अनुसंधान की गुणवत्ता, गिरफ्तारी, वारंट की कार्रवाई एवं कांड दैनिकी लेखन की नियमित समीक्षा करें।


    समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ क्षेत्रों में अनुसंधान कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। इसको लेकर संबंधित पुलिस निरीक्षकों से जवाब-तलब किया गया है। साथ ही अधिक लंबित कांड वाले अनुसंधानकर्ताओं के कार्यभार को उनकी क्षमता के अनुसार अन्य अनुसंधानकर्ताओं में विभाजित करने का निर्देश दिया गया।


    डीआईजी ने स्पष्ट कहा कि कांड दैनिकी लेखन में लापरवाही करने वाले अनुसंधानकर्ताओं के खिलाफ अंचल पुलिस निरीक्षक एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्वयं संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करें। वहीं, एक माह में कम से कम पांच कांडों का निष्पादन करने वाले बेहतर अनुसंधानकर्ताओं को पुरस्कृत करने का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।



    डीआईजी ने बताया कि लंबित कांडों की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाएगी। अगली समीक्षा बैठक अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षक के साथ होगी, जिसमें कांडों के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और समयबद्ध निष्पादन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

  • सहरसा में ईओयू की बड़ी कार्यवाही तत्कालीन डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार का निलंबन

    सहरसा में ईओयू की बड़ी कार्यवाही तत्कालीन डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार का निलंबन

    सहरसा: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में तत्कालीन डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने यह कार्रवाई की है।



    ईओयू ने 29 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें 31 मार्च को वैभव कुमार के सहरसा स्थित आवास, कार्यालय सहित अन्य ठिकानों पर की गई छापेमारी का उल्लेख किया गया। जांच में आय से लगभग 78 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।


    निलंबन अवधि के दौरान वैभव कुमार का मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में रहेगा। उनके खिलाफ आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 04/2026 दर्ज है।


    जांच में यह सामने आया कि वैभव कुमार ने 2013 में ग्रामीण विकास पदाधिकारी के रूप में नियुक्ति के बाद विभिन्न पदों पर रहते हुए कथित रूप से अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। 31 मार्च की सुबह करीब 7 बजे ईओयू की टीम ने उनके घर, कार्यालय और अन्य करीब आधा दर्जन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।



    ईओयू की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उनके पास कई अचल संपत्तियां, प्लॉट और जमीन के दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसी के अनुसार उनके द्वारा अपनी वार्षिक संपत्ति विवरणी में कुछ संपत्तियों का उल्लेख नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।


    वैभव कुमार बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 53-55वीं संयुक्त परीक्षा से वर्ष 2013 में चयनित होकर ग्रामीण विकास पदाधिकारी बने थे। इससे पहले वे भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत थे। उनकी अंतिम पदस्थापना परियोजना पदाधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), सहरसा के रूप में थी।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने पर सहरसा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने की विशेष पूजा-अर्चना, किया हनुमान चालीसा का पाठ

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने पर सहरसा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने की विशेष पूजा-अर्चना, किया हनुमान चालीसा का पाठ

    सहरसा, 10 जून: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को सहरसा के महावीर चौक स्थित महावीर मंदिर में भाजपा जिलाध्यक्ष साजन शर्मा की अध्यक्षता एवं पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन की उपस्थिति में विशेष पूजा-अर्चना एवं सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।


    इस दौरान देश की उन्नति, समृद्धि तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, जनकल्याण और वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित की है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं से गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण को बल मिला है।


    कार्यक्रम में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन तथा राष्ट्र के निरंतर विकास की प्रार्थना की। साथ ही विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।



    इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री शिव भूषण सिंह, भैरवानंद झा, जिला उपाध्यक्ष मनोज यादव, राजीव रंजन साह, मिहीर झा, रिंकी देवी, विजय बसंत, सुबोध साह, सुगामनी देवी, नमिता पाठक, राम सुंदर साहा, महावीर यादव, मीडिया प्रभारी सुमित सिन्हा,

    संतोष गुप्ता, नगर अध्यक्ष अभिनव सिंह, आशीष गुप्ता, बिपिन कुमार कुशवाहा, राजेश वर्मा, महेश झा, सुमीत कुमार बिट्टू, हेम नारायण गुप्ता, अखिलेश पांडेय, संजय साह, प्रदीप झा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • छह महीने से खुला गड्ढा बना हादसों का कारण, शिकायत के बाद नगर निगम ने शुरू कराई भराई

    छह महीने से खुला गड्ढा बना हादसों का कारण, शिकायत के बाद नगर निगम ने शुरू कराई भराई

    सहरसा: शहर के सुपर मार्केट गेट स्थित गर्ल्स हाई स्कूल के समीप सड़क पर पिछले करीब छह महीने से बना बड़ा गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बना हुआ था। इस गड्ढे में अक्सर बाइक, ऑटो और चार पहिया वाहन फंस जाते थे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी।



    मंगलवार को हुई बारिश के बाद गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया। इसी दौरान बिहार विकास मोर्चा के संयोजक सोनू तोमर अपनी गाड़ी से वहां से गुजर रहे थे। पानी से भरे गड्ढे का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण उनकी गाड़ी उसमें फंस गई। हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन घटना के बाद उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन को इसकी जानकारी देकर समस्या के समाधान की मांग की।



    शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की सहायता से गड्ढे की भराई का कार्य शुरू कराया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से यह गड्ढा लोगों के लिए खतरा बना हुआ था।



    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में सड़क खुदाई के बाद गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई है। बरसात के मौसम में ऐसे गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से शहरभर में ऐसे खतरनाक गड्ढों की पहचान कर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।

  • बिजली बहाल करने की जल्दबाजी में उखाड़ा गया वर्षों पुराना पेड़, हरित क्रांति के दावों पर उठे सवाल

    बिजली बहाल करने की जल्दबाजी में उखाड़ा गया वर्षों पुराना पेड़, हरित क्रांति के दावों पर उठे सवाल

    सहरसा: मंगलवार देर शाम आई आंधी और बारिश के बाद शहर के नया बाजार, न्यू कॉलोनी समेत कई रिहायशी इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। करीब चार घंटे तक बिजली नहीं रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    देर रात करीब 12:45 बजे बिजली विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आपूर्ति बहाल की, लेकिन कुछ देर बाद फिर बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।


    जानकारी के अनुसार, तेज आंधी और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां बिजली तारों पर गिर गई थीं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई। बिजली बहाली के दौरान वन विभाग द्वारा कुछ पौधों और टहनियों को हटाया गया।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय कर्मियों ने जल्दबाजी में केंद्रीय विद्यालय के समीप एक बड़े और वर्षों पुराने वृक्ष को जड़ से उखाड़ दिया, जबकि उसे सुरक्षित रखने के अन्य विकल्प भी मौजूद थे।



    इस घटना के बाद पर्यावरण संरक्षण और हरित क्रांति के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार और प्रशासन वृक्षारोपण अभियान चलाकर हरियाली बढ़ाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों पुराने पेड़ों को बचाने के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जाती।



    स्थानीय नागरिकों ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के आसपास का क्षेत्र पहले भी पेड़ों से जुड़े हादसों का गवाह रहा है। पूर्व में आए आंधी-तूफान के दौरान वृक्ष गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए थे। इसके बावजूद संभावित खतरनाक पेड़ों की पहचान और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई।


    नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए संतुलित एवं जिम्मेदार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    वहीं मौके पर मौजूद बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) धर्मेंद्र कुमार ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

  • सहरसा के एडीएम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, बोले निशांत कुमार— “सभी आरोप निराधार, जांच का स्वागत”

    सहरसा के एडीएम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, बोले निशांत कुमार— “सभी आरोप निराधार, जांच का स्वागत”

    सहरसा के अपर समाहर्ता (एडीएम) निशांत कुमार पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। इस बीच एडीएम निशांत कुमार ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ “रंजिश रखने वाले लोग” उनके खिलाफ फर्जी और निराधार आरोप लगा रहे हैं।



    उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी राशि के दुरुपयोग को लेकर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। चुनाव के समय जिस आवंटन की बात की जा रही है, वह आवंटन अव मांगी गई है उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।


    दरअसल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओम प्रकाश नारायण ने कोशी प्रमंडल आयुक्त को आवेदन सौंपकर एडीएम निशांत कुमार की आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की मांग की है।

    आवेदन में विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान टेंट, जेनरेटर और कुर्सी आपूर्ति में करोड़ों रुपये के भुगतान, भूमि विवाद मामलों में कथित रिश्वतखोरी, शिक्षा विभाग समेत विभिन्न पदों पर रहते हुए भ्रष्टाचार तथा परिवार और ससुराल पक्ष के नाम पर संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    आवेदन में निष्पक्ष जांच कर विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

    वहीं, आयुक्त को दिए गए आवेदन पर प्रतिक्रिया देते हुए एडीएम निशांत कुमार ने कहा कि आवेदन दिया गया है तो उसकी जांच होगी। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने दोहराया कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

  • ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ, 15 विषयों के 1100 छात्र होंगे शामिल

    ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ, 15 विषयों के 1100 छात्र होंगे शामिल

    सहरसा। मधेपुरा । स्थानीय ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के सभा भवन में प्रधानाचार्य एवं मास इन्फो कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित कर इंटर्नशिप कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मास इन्फो के डायरेक्टर मनमोहन भारती एवं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) कैलाश प्रसाद यादव ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देकर किया।



    कार्यक्रम के निदेशक डॉ. कुमार गौरव ने अतिथियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए सीखने की कला पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने व्यक्तित्व विकास, कौशल निर्माण, रोजगार क्षमता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए कहा कि “करके सीखना” सबसे प्रभावी सीखने की प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि यूजी पांचवें सेमेस्टर के 15 विषयों के लगभग 1100 छात्र-छात्राएं इस इंटर्नशिप कार्यक्रम में भाग लेंगे।



    प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि इंटर्नशिप ज्ञान को क्षमता में और क्षमता को सफलता में बदलने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। महाविद्यालय अपने सभी छात्र-छात्राओं को सफलता की राह पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।


    प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के मूल उद्देश्यों की जानकारी देते हुए नियमित रूप से कार्यक्रम से जुड़ने, विभिन्न आंकड़ों का संग्रह करने तथा लॉग बुक तैयार करने के लिए प्रेरित किया।


    इस अवसर पर डॉ. शिवनाथ साह ने इकोसिस्टम एवं पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए और पारिस्थितिक तंत्र के महत्व को समझाया। वहीं डॉ. नंदन ने डिजिटल लिटरेसी की उपयोगिता और वर्तमान समय में इसकी बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला।



    कार्यक्रम के अंत में डॉ. मनीष कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इंटर्नशिप में बेहतर प्रदर्शन कर उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने की शुभकामनाएं दीं।

  • सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विशेष अभियान में 5 अभियुक्त गिरफ्तार, 9 लीटर विदेशी शराब बरामद

    सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विशेष अभियान में 5 अभियुक्त गिरफ्तार, 9 लीटर विदेशी शराब बरामद

    #सहरसा: पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने विभिन्न कांडों में कुल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

    कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को 9 लीटर विदेशी शराब के साथ पकड़ा गया, जबकि अन्य चार अभियुक्तों को विभिन्न आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।



    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में हत्या, अपहरण, मारपीट एवं अन्य गंभीर मामलों से जुड़े अभियुक्त शामिल हैं। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया।



    सहरसा पुलिस ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण, अवैध शराब कारोबार पर रोक और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।

  • सहरसा शिक्षा भवन में भीषण आग, डीईओ कार्यालय के मीटिंग हॉल का सामान जलकर राख; लाखों की क्षति

    सहरसा शिक्षा भवन में भीषण आग, डीईओ कार्यालय के मीटिंग हॉल का सामान जलकर राख; लाखों की क्षति

    शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, कंप्यूटर-एलईडी समेत फर्नीचर नष्ट; फायर ब्रिगेड ने एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

    सहरसा: जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय परिसर स्थित शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर मंगलवार सुबह अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से मीटिंग हॉल में रखे कंप्यूटर, एलईडी स्क्रीन, टेबल, कुर्सियां और अन्य फर्नीचर जलकर नष्ट हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार घटना में तीन लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है।



    जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े आठ बजे शिक्षा भवन के मीटिंग हॉल में आग लग गई। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगते ही कार्यालय कर्मियों में हड़कंप मच गया और विभागीय कर्मचारियों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग तेजी से फैल गई।



    घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां और डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के जवानों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते आग को नियंत्रित कर लिए जाने से भवन के अन्य हिस्सों में आग फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।



    अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग सभा कक्ष और मीटिंग हॉल तक ही सीमित रही। कंप्यूटर, एलईडी स्क्रीन और फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी महत्वपूर्ण सरकारी फाइल के जलने की सूचना नहीं है।


    डायल-112 में तैनात सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और अग्निशमन विभाग के साथ राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।


    फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि क्षति का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है। घटना के बाद शिक्षा भवन परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे दिन आग लगने की घटना चर्चा का विषय बनी रही।

  • नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन तेज, मंगलवार से आमरण अनशन की चेतावनी

    नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन तेज, मंगलवार से आमरण अनशन की चेतावनी

    सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर प्रखंडवासियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने शांतिपूर्ण धरना-सत्याग्रह आयोजित कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।



    आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा नवहट्टा डिग्री कॉलेज को कासीमपुर पंचायत में प्रस्तावित किया गया है, जिसका प्रखंडवासी लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि डिग्री कॉलेज का निर्माण और संचालन प्रखंड मुख्यालय में होना चाहिए, ताकि सभी पंचायतों के छात्र-छात्राओं को समान रूप से इसका लाभ मिल सके।



    धरना पर बैठे लोगों ने कहा कि प्रखंड मुख्यालय में कॉलेज संचालन के लिए पर्याप्त भूमि, भवन, आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कॉलेज को दूसरे स्थान पर स्थापित करने का निर्णय स्थानीय छात्रों के हित में नहीं है।


    संघर्ष समिति के सदस्य बब्बु सिंह और सुनील सिंह ने प्रशासन एवं सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो मंगलवार से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिग्री कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थापित किए जाने तक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।



    डिग्री कॉलेज का मुद्दा अब नवहट्टा में जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। ऐसे में प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हुई हैं।