राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने सहरसा स्थित अपने पैतृक आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और बिहार सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले, भरत तिवारी एनकाउंटर, बिहार की कानून-व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवादों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर मनोज झा ने कहा कि यह केवल विपक्ष का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धा और विश्वास के साथ धोखाधड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले महाकाल मंदिर और अब राम मंदिर से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं।
राम और शिव हिंदू आस्था के सबसे बड़े प्रतीक हैं, लेकिन उन्हें भी नहीं बख्शा जा रहा। उन्होंने कहा, “इंसानों के साथ धोखा तो सुना था, अब भगवान के साथ भी धोखाधड़ी हो रही है।” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले की लीपापोती करने में लगी है। एफआईआर दर्ज होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई बार केवल मामले को शांत करने के लिए एफआईआर दर्ज कर दी जाती है।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज झा ने कहा कि बिहार में सच को दबाने के लिए एनकाउंटर का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता ने मुख्यमंत्री बनने के लिए नीतीश कुमार को जनादेश दिया था, लेकिन राजनीतिक षड्यंत्रों के जरिए उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान उन्होंने सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का संचालन अलग तरीके से हो रहा है।
ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के निदेशक रोशन आनंद और खान सर के बीच चल रहे विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों गंभीर संकट से गुजर रही हैं। उनका कहना था कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है, जिसके कारण निजी कोचिंग संस्थानों का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकारी शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक इस तरह के विवाद और समस्याएं सामने आती रहेंगी।
प्रेस वार्ता के दौरान मनोज झा ने दावा किया कि बिहार में कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था दोनों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है और जनता अब इन मुद्दों का जवाब आने वाले समय में देगी।





