सहरसा। सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत कासिमपुर पंचायत में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज को लेकर क्षेत्र में विरोध और समर्थन का माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। एक ओर जहां स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण कॉलेज को कासिमपुर पंचायत में ही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पहले से कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा इसका विरोध भी किया जा चुका है।

डिग्री कॉलेज के समर्थन में सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नवहट्टा मुख्यालय में पहले से थाना, प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय, नगर पंचायत कार्यालय और अस्पताल जैसी तमाम सरकारी सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में डिग्री कॉलेज भी इसी क्षेत्र में रहना चाहिए, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़े।
मौके पर पंचायत समिति सदस्य संतोष सिंह ने कहा कि डिग्री कॉलेज क्षेत्र के छात्रों का अधिकार है और इसे किसी भी हालत में यहां से हटाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कॉलेज को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोशिश की गई तो ग्रामीण चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने डिग्री कॉलेज के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से कॉलेज को कासिमपुर पंचायत में ही स्थापित रखने की मांग की।
बताया जा रहा है कि इससे पहले पूर्व मुखिया बब्बू मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कॉलेज स्थापना को लेकर विरोध दर्ज कराया था। अब इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र की राजनीति भी गर्माने लगी है और अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।




